Tuesday, 21 April 2026

सत्र 2026-27 के कक्षा बाल-वाटिका - 3 एवं कक्षा प्रथम के छात्र-छात्राओं का विद्यालय में भव्य स्वागत

 

विद्यालय  का पहला दिन


आज हमारे विद्यालय में कक्षा बाल-वाटिका - 3 एवं प्रथम सत्र – 2026-27 के छात्र-छात्राओं का पहला  दिन था | बच्चे बहुत ही उमंग के साथ सज-धज कर विद्यालय में पहुंचे | विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार, मुख्याध्यापिका डॉ. पूजा कुमारी, कक्षा अध्यापिका सुश्री सरोज नरवाल एवं श्रीमती चित्रा शर्मा  ने बच्चों का भव्य स्वागत किया एवं उनके साथ सामूहिक छाया चित्र खिंचवाया | स्कूल का पहला दिन हर बच्चे के जीवन में एक खास अनुभव होता है। यह दिन नए उत्साह और उमंग से भरपूर होता है क्योंकि बच्चे नए दोस्त बनाते हैं, नए अध्यापक से मिलते हैं और नई चीजें सीखने की शुरुआत करते हैं। स्कूल का पहला दिन बच्चे के लिए एक नए सफर की शुरुआत होती है, जहाँ वह ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक और व्यक्तित्व विकास भी करता है।

पहले दिन स्कूल में बच्चे नई किताबें और सामान लेकर जाते हैं। अध्यापक बच्चों का स्वागत करते हैं और उन्हें स्कूल के नियमों और गतिविधियों के बारे में बताते हैं। बच्चों के मन में नये माहौल के प्रति उत्सुकता और थोड़ी nervousness भी होती है। बच्चा धीरे-धीरे स्कूल की व्यवस्था और वातावरण के अनुकूल होता जाता है। इस दिन बच्चा अपने सहपाठियों से परिचय करता है, जिससे उसे नए दोस्त बनाने में मदद मिलती है।

अंत में, स्कूल का पहला दिन बच्चे के लिए एक नई दुनिया के द्वार खोलता है। यह दिन उसे शिक्षा के महत्व को समझने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। पहला दिन जहां नये अनुभवों और उत्साह से भरा होता है, वहीं यह भविष्य के लिए आधार भी होता है। इसलिए, स्कूल का पहला दिन जीवन के महत्वपूर्ण पलों में से एक माना जाता है।

 

No comments:

Post a Comment