विश्व पुस्तक दिवस प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को मनाया जाता है। विद्यालयों में इसका आयोजन विद्यार्थियों में पठन-पाठन की संस्कृति को पुनर्जीवित करने और पुस्तकों के प्रति प्रेम विकसित करने के उद्देश्य से किया जाता है।
विश्व पुस्तक दिवस: विद्यालय में
ज्ञान का उत्सव
आज के डिजिटल युग में जहाँ मोबाइल और इंटरनेट ने लोगों का समय घेर
लिया है, पुस्तकें पढ़ने की आदत कहीं पीछे छूटती जा रही है। इसी पठन
संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हमारे विद्यालय में 'विश्व पुस्तक दिवस' (World Book Day) अत्यंत उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिवस न केवल लेखकों और
पुस्तकों के सम्मान का प्रतीक है,
बल्कि यह ज्ञान के उस विशाल सागर को
भी नमन करता है जो हमारे विचारों को आकार देता है।
समारोह की शुरुआत
समारोह का शुभारंभ विद्यालय की विशेष
प्रार्थना सभा (Assembly) से हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को
संबोधित करते हुए बताया कि "पुस्तकों से प्राप्त ज्ञान स्थायी होता है और यह
हमारी सोचने-समझने की शक्ति को गहरा बनाता है"।
विभिन्न गतिविधियाँ और कार्यक्रम
विद्यालय में दिन भर विभिन्न रोचक
कार्यक्रमों का आयोजन किया गया:
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पुस्तकालय भ्रमण और
प्रदर्शनी: स्कूल की लाइब्रेरी में एक भव्य पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई, जहाँ विभिन्न
शैलियों की पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया।
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पसंदीदा पात्र की
वेशभूषा (Character Parade): प्राथमिक स्तर के
छात्र अपने पसंदीदा काल्पनिक पात्रों (जैसे हैरी पॉटर, स्वामी आदि) के रूप
में तैयार होकर आए, जिससे पूरे विद्यालय का वातावरण जीवंत हो उठा।
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पुस्तक विनिमय (Book Swap): छात्रों के लिए एक 'बुक एक्सचेंज
कॉर्नर' बनाया गया, जहाँ विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ी हुई पुरानी किताबें एक-दूसरे से
बदलीं।
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प्रतियोगिताएं: कहानी लेखन, कविता पाठ और
बुकमार्क बनाने जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
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'सब छोड़ो और पढ़ो' (DEAR - Drop Everything And Read): एक निश्चित समय पर
पूरे विद्यालय में घंटी बजाई गई,
जिसके बाद शिक्षकों और छात्रों सहित
सभी ने 15 मिनट के लिए अपनी पसंद की कोई भी पुस्तक पढ़ी।
महत्व और संदेश
इस समारोह का मुख्य उद्देश्य
विद्यार्थियों को यह समझाना था कि किताबें केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की
सच्ची मित्र और मार्गदर्शक होती हैं। पुस्तकालय केवल एक कमरा नहीं, बल्कि ज्ञान का वह
केंद्र है जो हमारे व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक होता है।
निष्कर्ष
विश्व पुस्तक दिवस समारोह ने
विद्यार्थियों के मन में जिज्ञासा और ज्ञान की नई लौ जलाई। समारोह के अंत में सभी
विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन कम से कम कुछ पन्ने अवश्य पढ़ेंगे।
वास्तव में, पुस्तकें वह खिड़की हैं जो हमें नई संस्कृतियों और विचारों की
दुनिया से परिचित कराती हैं।
विश्व पुस्तक दिवस प्रश्नोत्तरी (Quiz) : 23
अप्रैल 2026
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प्रश्न 1: विश्व पुस्तक दिवस हर साल किस तारीख को मनाया जाता है?
o उत्तर: 23 अप्रैल।
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प्रश्न 2: विश्व पुस्तक दिवस मनाने की शुरुआत किस संस्था ने की थी?
o उत्तर: यूनेस्को (UNESCO) ने 1995 में इसकी शुरुआत की थी।
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प्रश्न 3: 23 अप्रैल को ही यह दिवस क्यों मनाया जाता है?
o उत्तर: क्योंकि इसी दिन प्रसिद्ध लेखक विलियम शेक्सपियर, मिगल डे सर्वेंट्स और इंका डे लाव
वेगा की जन्म तिथि अथवा पुण्यतिथि होती है।
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प्रश्न 4: विश्व पुस्तक दिवस का दूसरा नाम क्या है?
o उत्तर: इसे 'विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस' (World Book and Copyright Day) के नाम से भी जाना जाता है।
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प्रश्न 5: पहली बार विश्व पुस्तक दिवस कब मनाया गया था?
o उत्तर: 23 अप्रैल 1995 को।
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प्रश्न 6: यूनेस्को द्वारा हर साल पुस्तक दिवस के लिए चुने जाने वाले शहर को
क्या कहा जाता है?
o उत्तर: 'विश्व पुस्तक राजधानी' (World Book Capital)।
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प्रश्न 7: विलियम शेक्सपियर को किस उपाधि से
जाना जाता है?
o उत्तर: उन्हें अक्सर इंग्लैंड का राष्ट्रीय
कवि और "बार्ड ऑफ एवन" कहा जाता है।
o प्रश्न 8: 'विश्व पुस्तक राजधानी' (World Book Capital)
कौन घोषित करता है?
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उत्तर: यूनेस्को हर साल एक
शहर को विश्व पुस्तक राजधानी के रूप में चुनता है.
प्रश्न 9: विश्व पुस्तक दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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उत्तर: किताबों के माध्यम
से साक्षरता को बढ़ावा देना, कॉपीराइट के बारे
में जागरूकता फैलाना और ज्ञान को साझा करना.
प्रश्न 10: यह दिवस क्या संदेश देता है?
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उत्तर: किताबें हमारे जीवन
में ज्ञान,
समझ और मनोरंजन का सबसे अच्छा माध्यम
हैं, और हमें पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा
देना चाहिए।
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प्रश्न : 11:
UNESCO द्वारा वर्ष 2026 के लिए किस शहर को विश्व पुस्तक राजधानी के लिए चुना गया है?
उत्तर : यूनेस्को (UNESCO) द्वारा मोरक्को की राजधानी रबात (Rabat) को 2026 के लिए विश्व पुस्तक राजधानी (World Book Capital) नामित किया है।